उत्तर प्रदेशमेरठ

बहसूमा पुलिस का सराहनीय काम: एक महीने में 35 खोए मोबाइल ढूंढकर मालिकों को लौटाए

साइबर टीम बहसूमा पुलिस ने चलाया विशेष अभियान

मेरठ के बहसूमा थाने की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. टीम ने एक महीने के अंदर 35 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए हैं.

कैसे मिली सफलता?

साइबर हेल्प डेस्क टीम ने आधुनिक तकनीकी सर्विलांस की मदद से इन फोनों को ट्रैक किया. इसमें न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि दूसरे राज्यों से भी संपर्क कर मोबाइल फोन ढूंढ निकाले गए.

इस टीम में उप निरीक्षक कृष्णकांत शर्मा, महिला उप निरीक्षक कोमल, और कंप्यूटर ऑपरेटर विपुल यादव शामिल थे. उनकी कड़ी मेहनत और तकनीकी दक्षता की बदौलत ही यह संभव हो पाया है.

इस कामयाबी ने न सिर्फ लोगों को उनके खोए हुए फोन वापस दिलाए हैं, बल्कि साइबर अपराध से लड़ने में पुलिस की क्षमता को भी उजागर किया

पुलिस ने लौटाए खोए हुए मोबाइल, लोगों ने जताई खुशी

रविवार को, मेरठ पुलिस ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए कई लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस सौंपे। इस पहल से प्रभावित होकर, खोया हुआ सामान वापस पाने वाले लोगों ने पुलिस के प्रति अपनी खुशी और आभार व्यक्त किया।

मोबाइल वापस पाने वालों में, मोहल्ला बसी बहसूमा के संजय कुमार, ग्राम झुनझुनी के अरुण कुमार और ग्राम अस्सा के कलीराम शामिल थे। सभी के चेहरों पर मोबाइल वापस मिलने की खुशी साफ झलक रही थी।

इस उत्कृष्ट कार्य के लिए, मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बहसूमा पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहली जिम्मेदारी जनता की समस्याओं को हल करना और उनकी खोई हुई वस्तुओं को वापस दिलाना है। उन्होंने आगे कहा कि बहसूमा साइबर हेल्प डेस्क ने अपनी ईमानदारी और कड़ी मेहनत से लोगों का भरोसा जीता है। यह कार्य मेरठ पुलिस की तकनीकी क्षमताओं और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है

 

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!